ALL उत्तर प्रदेश
पूर्वांचल: बाहुबली मुख्तार अंसारी, क्या गरिबो के रॉबिनहुड है।
May 20, 2019 • Rudra Ki Kalam News

उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी का जन्म 30 जून 1963 को हुआ था।उन्हें मऊ निर्वाचन क्षेत्र से पांच बार विधानसभा सदस्य के रूप में चुना गया है।

अंसारी ने अपना पहला विधानसभा चुनाव बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवार के रूप में जीता और अगले दो  निर्दलीय के रूप में। 2007 में, वह बसपा में शामिल हुए और 2009 के लोकसभा चुनाव में असफल रहे। 2010 में बसपा ने उन्हें आपराधिक गतिविधियों के लिए निष्कासित करने के बाद, उन्होंने अपने भाइयों के साथ अपनी पार्टी कौमी एकता दल का गठन किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव 2012 में मऊ सीट से जीत हासिल की। ​​उन्होंने 2017 में बसपा के साथ कौमी एकता दल का विलय किया, और राज्य चुनाव बसपा के उम्मीदवार के रूप में जीता।

★    मुख्तार अंसारी अपने दोनों पुत्रों के साथ 

    उमर अंसारी और अब्बास अंसारी

   

◆ पूर्वांचल मैं कायम है दब-दबा 💪

मऊ मे दंगे भड़काने के मामले मे मुख़्तार अंसारी को ग़ाज़ीपुर पुलिस के सामने सरेंडर करना पड़ा था।पहले उन्हें ग़ाज़ीपुर जेल मे रखा गया ,फिर वहा से मथुरा-आगरा-बाँदा जेल भेजा गया।उसके बाद से उन्हें बाहर आना नसीब नही हुआ।फिर भी पूर्वांचल मै उनका दब-दबा कायम है और वे जेल से ही चुनाव जीतते रहे।

◆ गरिबो के लिए रॉबिनहुड 

ठेकेदारी, खनन,स्क्रैप,रेलवे टेंडर, सभी पर मुख्तार अंसारी का हाथ है। जिसके दम पर उन्होंने अपनी ये सल्तनत खड़ी की है। मगर ये रॉबिनहुड अमीरो से लेता है तो गरिबो मे बाटता भी है, ऐसा मऊ के लोग कहते है बतौर विधायक मुख्तार अंसारी ने लोगो के लिए बहुत काम किया सड़को【🛣️】अस्पतालों【🏥】स्कूलों-कॉलेजो【🏫】और पुलों आदि जैसे कई कार्य रॉबिनहुड ने अपनी विधायक निधी से 20 गुना ज्यादा पैसा ख़र्चा करते थे।

◆ परिवार का गौरवशाली इतिहास 😊

सिर्फ डर की वजह से नही काम और गरिबो के मदद करने कि वजह से भी सभी के मन मे मुख्तार अंसारी के प्रति सभी के मन मे सम्मान है।मऊ मैं इनकी इज़त की वजह है इनका गौरवशाली इतिहास खानदानी रशूख की बात करी जाए तो शायद ही पूर्वांचल मैं ऐसा कोई खानदान हो।बाहुबली मुख्तार अंसारी के दादा डॉ मुख्तार अहमद अंसारी स्वतन्त्रता संग्राम आंदोलन के दौरान 1926-27 मे इंडियन नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। वे गांधी जी के बहुत करीबी माने जाते थे,उनके नाम पर दिल्ली की एक रोड का नाम रखा गया।

◆ पिता थे बड़े नेता तो चाचा रहे उप राष्ट्रपति 💐

खानदान की इसी विरासत अंसारी के पिता सुब्हानउल्लाह अंसारी ने आगे बढ़ाया।कम्युनिस्ट नेता होने की वजह से सुब्हानउल्लाह अंसारी ने 1971 मे नगरपालिका चुनाव मे सरलता से चुना गया था।इनकेे नाना महावीर चक्र विजेता ब्रिगेडियर उसमान मुख्तार अंसारी। सन 1947 के लड़ाई मैं भारत को जंग मैं जीत दिलाई थी।हमारे पिछले उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी रिश्ते मे इनके चाचा लगते है।

◆ बेटे अब्बास ने नाम किया रोशन 🔫

अंसारी के पुत्र भले ही राजनीति से न जुड़े हो लेकिन उन्होंने अपने परिवार और देश का गौरव बढ़ाया है मुख़्तार अब्बास अंसारी जो कि शॉट गन शूटिंग के अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी है।वे दुनिया के टॉप 10 शूटरों मै शामिल है तथा देश के नेशनल चैंपियन रह चुके है। अब 

अब इस विरासत को आगे बढ़ाने की ज़िमेदारी अब्बास अंसारी की है