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कोरोनावायरस: व्यापारियों और आम नागरिकों के जन-जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा❓
March 21, 2020 • यश त्रिवेदी

उत्तर प्रदेश: पूरे लखनऊ में लॉकडाउन लगा दिया गया है। सब कुछ बंद करा दिया गया है, चाहे वो मॉल, दुकाने,रेस्तरां इत्यादि। अन्य छोटी - मोटी वस्तुए की दुकानें भी बंद करा दी गयी है। सरकार ने सभी विभागों के कर्मचारियों को घर से काम करने का आग्रह किया है।

पर आपने कभी विचार किया इस वायरस से तो हम खुद को  सुरक्षित कर  लेंगे, लेकिन इन आने वाले दिनो मे परिस्थिति क्या होगी जो व्यापारी अपने व्यापार पर निर्भर है उनका क्या होगा , जो प्राइवेट सेक्टर में, किसी की दुकानों में, किसी के लिए काम करते है उनका क्या होगा।उनके रोजमर्रा के खर्चे कैसे चलेंगे जो ज़रूरत के सामान है रोज़मर्रा वो कहा से खरिदेंगे। जो छोटे व्यापारी दुकान पर आश्रित है अपने रोजमर्रा के खर्चे के लिए वो क्या करेंगे। हमारे देश की आधी से ज़्यादा जनता ऐसी है जो रोज़ गड्ढा खोद पानी पीती है।क्या सरकार और प्रशासन ने उनके लिए विचार और विमर्श्ष किया।

अचानक से बिना किसी को सचेत किये सरकार ने शहर मे लॉकडाउन जारी कर दिया क्यों? क्योंकि एक हाई प्रोफाइल गायिका【कनिका कपूर】 की बेवकूफी के चलते। क्योंकि वो वीआईप है, उनकी पार्टी मे वीआईपी लोग प्रस्तुत थे। आम नागरिकों पर इसका  क्या प्रभाव होगा सरकार ने यह नही विचार किया। 

विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना वायरस का प्रकोप 15 अप्रैल तक 10 गुना तक बढ़ेगा, उनके अनुसार सरकार द्वारा उठाये कदम भी कुछ खास असरदार साबित नही हो रहे है।

ऐसे मे आदमी कब तक घर पर बैठेगा, व्यापारी कब तक अपनी दुकानों के शटर बंद रखेगा,उनके खर्चो की कौन सोचेगा। सरकार द्वारा उठाये गए कदम जनता की भलाई के लिए तो है,पर जो बाजार मे पैनिक हालत बन गए है सरकार उसके लिए क्या कर रही है। बाजार सारे बन्द करवा दिये गए सब्ज़िया- रोज़मर्रा की वस्तुएं महँगे दामो मे मिल रही है।आम नागरिक कहा जायेगा।

23 मार्च तक सब कुछ लॉकडाउन के आदेश है ,पर ये बढ़ भी सकते है तो सोचिए आम आदमी की आर्थिक हालातो का क्या होगा।

22 मार्च को होने वाले जनता कर्फ़्यू का समर्थन करता हूं, पर उसके बाद क्या होगा, विचार किया आपने नही । सभी अस्पतालों की ओपीडी बंद कर दी गयी, सरकार द्वारा जारी किए गए कोरोना हेल्पलाइन नम्बर प्रभावी नही है, टीमो का रिस्पांस नही आ रहा है ? क्वारंटाइन के लिए कितने केंद्र बनाए गए , अस्पतालों की क्या व्यवस्था है,एयरपोर्ट पर कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध नही है,कई वीआईप अपने बल का प्रयोग कर जांच से बच निकल रहे है उनका क्या ?वो कोरोना नही फैला रहे इस महामारी से निपटने के लिए सरकार के पास इन चीज़ों के कोई जवाब नही है।

अंततः सभी पाठकों से यही कहना चाहूंगा इस महामारी से निपटने के लिए अपने स्तर तक हर जारी कोशिश करिये WHO के निर्देशों का पालन करिये सतर्क रहें और सचेत रहे इस महामारी के प्रति, ऊपर मेरे द्वरा चिन्हित प्रश्नो पर अवश्य ध्यान दे।।