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पर्यावरण: क्या पेड़ो को काटना मानव जीवन से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है RLB स्कूल 🏫
November 4, 2019 • यश त्रिवेदी

पर्यावरण: ये सब्द सुनके सबको चिंता तो जरूर होने लगती है पर उस चिंता पर चिंतन चितवन कोई नही करता है।आज सबको पता ही है पर्ययावरण की क्या हाालात है।

लोगो का स्वास लेना  मे दिक्कत तथा शारीर मे कई रोग पाए जा रहे मनुष्य का जीवन यापन करना ऐसे दमघोटू पर्यावरण मे मुश्किल हो गया है।  एक ऐसा ही किस्सा साझा करता हु जो आज घटित हुआ " मैं अपने सभी साथियों समेत स्कूल की छुट्टी तत्पश्चात घर जा रहा था तभी कई पेड़ो 🌳को कटा हुआ देखा और बाकी पेड़ो 🌳को काटा जा रहा था। जिसे देखकर मैंने कुछ तस्वीरे फ़ोन मे कैद करते देख एक आदमी मेरी और आया और मुझसे अपनी तहज़ीब मे बात करने लगे आप समझ ही गए होंगे तहज़ीब"। 

जब पता किया गया तो पता चला कि यह काम बिजली विभाग द्वारा सरकार के कहने पर किया जा रहा था। ऐसे दमघोटू वातावरण को संरक्षित करने की जगह सरकार पेड़ो 🌳 को कटवा रही है नाकि पर्यावरण तथा इस ज़हरीले हवा से लोगो को बचाने के लिए उपाय करने की जगह ।

क्या पेड़ 🌳कटते हुए या गलत को देखते हुए उसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना गलत है ?

मानव ने अपनी खुशियों को मार दिया 

जिस दिन उसने कुल्हाड़ी ⛏️ से पेड़ 🌳 को काट दिया।