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सच क्या है ? इसे जरूर जाने 😔
March 16, 2020 • यश त्रिवेदी

इस बढ़ती दुनिया की भाग दौड़  भरी जिंदगी में लोगो के पास स्वयं के लिए टाइम नही है। किंतु हम अपना अधिकतम समय स्मार्टफोन पर ही बिताते है। इसमें से अधिकतर युवा पीढ़ी के लोग ही होते है जो दिन भर सोशल मीडिया के प्रयोग में व्यस्त रहते है। 

आप टेलीविज़न पे चीज़ों को न देखकर स्मार्टफोन पे देखना पसंद करते है। सब कुछ अब स्मार्टफोन पर उपलब्ध है। यह तक कि खबरे और न्यूज़ भी। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बढ़ते दौर मे खबरे लोगो के फ़ोन तक जल्द से जल्द पहुच जाती है। जिससे लोगो का खीचाव प्रिंट मीडिया से दूर हो गया है।

क्या आपने कभी ये सोचा ❓ आप दिन भर मीडिया को कोसते है , फिर भी आप खबरे देखे बिना रह नही पाते है , लोगो के मन~दिमाग मे बस यह चीज़ बस गयी है कि मीडिया बिकाऊ है दरअसल मीडिया बिकाऊ नही है, लोगो का नज़रिया ही उसके प्रति कुछ और होता चला जा रहा है।

नागरिको का मानना है मीडिया किसानों पे पड़ी मौसम की मार नही दिखती, गरीब पर हो रही यातना और ज़ुल्म नही दिखती है, भ्रस्टाचार को दबाती, अपनी टीरप बढ़ाने के लिए मन घड़न खबरे चलाती है  आदि । सच तो यह लोगो को यह सब देखना ही नही उन्हें सिर्फ ग्लैमर और चका चौंध की दुनिया की चीज़ ही लुभाती है। उन्हें आज इस अभिनेत्री ने क्या किया जानना है। कौनसा नया एडवर्टीजमेंट आया ये जानना है। उन्हें दुनिया मे हो रहे सच से सामना करना ही नही है।

सोशल मीडिया पे कुछ तस्वीरो को देखकर आप सभी के मन मे देश के प्रति लोगों के प्रति हमदर्दी जाग जाती है, फिर लोग मीडिया को कोसते है कि बिकाऊ मीडिया ये सब चीज़ों नही दिखता।

मैं सभी पाठकों से यही कहना चाहता हु जब नही पसंद आपको ये बिकाऊ मीडिया तो क्यू देखते है आप इसे ? ये वही बिकाऊ मीडिया है जिसने नोटेबन्दी के बारे मे सबको अवगत कराया था, स्टिंग ऑपरेशन कर भृष्ट अधिकारियों का भंडाफोड़ किया, जब देश मे देश विरोधी नारे लग रहे थे  बिना किसी डर और निष्पक्षता से दंगो के बीच जाकर आप तक खबरे पहुचाने का काम किया।

अंत: मे यही कहना चाहूंगा मीडिया स्वयं के लिए कुछ नही ये आम नागरिकों के हथियार है, इन्हें गलत न समझे इनके प्रति अपना नजरिया और सोच बदले।।